नमस्ते सब रिडर्स और विव्हर्स को,ये कहाणी जो मैं पेश करने जा रहा हु आ थोड़ी मेरे जीवन से मेल खा रही है चालू स्तिथि में,बस उसकी भविष्य की कल्पना कर ये कहानी आपके सामने ला रहा हु आशा करता हु आपको बेहद पसंद आएगी।इस कहानी में मेरा नाम विजय है।तो चलो कहानी शुरू करे।
सुबह का टाइम मैंने ऑफिस खोला क्योकि सहयोगी छुट्टी पे था तो काम मेरे माथे आया था।
आज गुरुवार था तो कोई आने वाला नही था ग्राहक ऑफिस में।मैं चुपचाप अपना desibees.com और desibees.in का एकाउंट खोले बैठा था।कहानी ,फ़ोटो वीडियो देख मेरा लण्ड पेंट में तन गया था।फॉर्मल होने से ओ सपष्ट रूप से दिख भी रहा था।तभी अचानक एक चाचा अंदर आये।ये सर्विस सेंटर था तो मैंने उनका स्माइल करके स्वागत किया।पर उनके अचानक आने से मैं खड़ा हुआ था और लण्ड की अकड़न से मैं थोड़ा झुका खड़ा रहा।मेरा मुह लाल था।
चाचा मेरे काफी पहचान के थे।पुराने ग्राहक थे तो थोड़े फ्रैंक थे मेरे से।सोशल मीडिया से भी कनेक्टेड थे।बड़े रहिज खानदान के थे तो खड़े रहके इज्जत देनी थी।
उनका नाम श्यामजी शाह,40 से 45 की उम्र पर काफी नही ज्यादा मोटापा था।जैसे ही आये उन्होंने हांपना चालू किया।पर उनका ध्यान मेरी पेंट के उठाव पे था।
ऑफिस टाइम में गंदी हरकते करते हुए पकड़ा गया था।ओ कहि ऊपर के अधिकारी ओ को शिकायत न करदे इसलिए मैंने सिचुएशन संभालनी चालू की।
मैं:सर क्यो इतना चलके आते हो।मालूम है घर पास है,पर यह लिफ्ट नही है।कुछ होगा तो बुला लो,मेरा नंबर भी है आपके पास
ओ:अरे नही,बस घर पर बैठे कुछ नही था तो आ गया।
मैं:अच्छा,चाय ठंडा कुछ मंगा लू।
ओ मेरी पेंट को देख:नही तुम अपना काम चालू रखो।
उनकी नजर और बात दोनों मुझे चुभ सी गयी।खतरे की घण्टी मेरे दिल को हवा दे गई।
ओ दिन कैसे वैसे गया।
दो दिन जाने के बाद उन्होंने मुझे रात को मैसेज किया।
ओ:हाई विजय सो गए क्या
मैं:नही,अभी सिर्फ कहना खत्म किया,आप बोलो इतनी रात याद किया।
ओ:ओ कुछ नही,चाची पूछ रही थी दिनभर कहा रहते हो,किसके साथ,,,,,
मैने हसने वाला इमोजी भेजा
मैं:उनको बोलो शक न करे ,हमारे सर पत्नीव्रता है(फिरसे हसने वाला इमोजी)
अंकल भी हसने लगे(इमोजी में)
मैने उनको गुड नाईट बोला और सो गया।
दूसरे दिन ओ चाची को लेकर मेरे ऑफिस आये।
मैं थोड़ा फ़ोन पे व्यस्त था।उन दोनों को इशारे में बैठने बोला।अंकल के लिए नया नही था तो उन्होंने चाची को बैठने का इशारा समझा दिया।
अंकल आंटी दोनों मुझे घूर रहे थे और एक दूसरे को देख स्माइल कर रहे थे।मैंने कॉल खत्म कर उनसे बात करना चालू किया।
मैं:क्यो सर,क्या हुआ अचानक यहां,झगड़ा वैगरा कुछ…….
मेरी बात को तोड़ते हुए आंटी बोली
आंटी:अइसा कुछ नही बेटा,जब भी ये यह से घर आते है खुश होते है।मैं बोली देखु तो सही मेरी सौतन कोन है।
मैं:अइसा कुछ नही मेडम बस पुरानी पहचान है,थोड़ा मस्ती मजाक करते है बस।
आंटी:बस मस्ती मजाक,तो ठीक है
इस बात पर दोनों हस पड़े।मैं तो सिर्फ मुह ताकता रहा।
आंटी:वैसे कहा रहते हो?शादी???
मैं:अरे शादी अभी कहा ,21 का तो हु,यही ^^^^^^में रहता हूं।
आंटी:मतलब gf तो होगी न?
मैं थोड़ा uncomfortable होने लगा।मैंने गर्दन से ही ना में जवाब दिया।
आंटी:खाना खाया क्या?घर पे कौन है?
मैं:घर पे मा भाई मैं बस, खाना अभी ऑर्डर करूँगा।
आंटी:क्यो मा नही देती खाना।
मैं:नही ओ गांव में गयी है।
तभी मुझे कॉल आया मैं उसमे लग गया
उन्होंने मुझे व्यस्त देख स्माइल दी और इशारो में अलविदा कहा।
मैं जब काम खत्म करके घर जा रहा था तब दिन भर की ओ बाते याद कर रहा था।अंकल की स्माइल कुछ अलग लगी थी ।
रात को बाहर ख़ाना खाया।भाई कुछ काम से 4 दिन बाहर था।तो मैं अकेला था।
रात के करीब 10 बजे
मुझे UNKNOWN नंबर से मेसेज आया
“हाई विनय विणा हिअर”
मैने Dp ओपन किया तो ओ सुबह वाली चाची थी
“विणा श्यामजी शाह”
दिखने में 40 साल की थी 36 34 36 का शरीर थोड़ा मोटापा था।
मैं:जी मेडम कहिये।
आंटी:पहले तो ये मेडम मत कहो प्लीज।
मैं:ओके आंटी
आंटी:ये आंटी भी क्यो,विणा कहो।
मैं चकरा गया आंटी कुछ ज्यादा ही फैल रही है।
मैं:सर बुरा मानेंगे तो।
विणा:मेसेज और अकेले में बोल रही हु,उनके सामने जो है वही बोलो।
मैं:ठीक जैसे आप कहे,गरीब को याद किया।
विणा:अरे नींद नही आ रही थी।
मैं:क्यो,क्या हुआ,तबियत बिगड़ गयी क्या?
विणा:नही रे पागल,मन थोड़ा मचल रहा है,नींद ही नही आ रही।
मैं:अंकल को बोलो ओ कुछ कर देंगे।
विणा:वो क्या करेंगे(नॉटी वाला इमोजी)
मैं:मेरा मतलब है गोली दे देंगे नींद की,सर दबा देंगे,आराम मिलेगा तो नींद आ जायेगी।
विणा:वो,वो कुछ करते ही नही,तुम कुछ मदत कर दो।
मैं:क्या??
विणा:चैटिंग करो,जबतक नींद नही आती।
मैं:ठीक है।
विणा:फिर शादी कब कर रहे हो तुम,कोई देखी या नही?
मैं:उसको टाइम है,कुछ सोचा नही अबतक,।
विणा:मतलब वरजिन हो न।
मैं:शॉक में:क्या?????
विणा:सही सुना,अभीतक किसी औरत को नही छुआ होगा?
मैं:नही वैसे कभी चांस नही मिला।
विणा:तुम कहानी अच्छे लिखते हो।पढ़ी मैने।
मैं थोड़ा कंफ्यूज हुआ।इनको मेरी स्टोरी कहा से मिली।सोच में इतना टाइम गया कि आंटी का सामने से मेसेज
आंटी:ज्यादा मत सोच उसदिन अंकल ने तेरी ओ देसीबीज की एकाउंट देखी।और घर आके मुझे पढ़वाई।मुझे पसंद आई।तो मैंने सोचा तुमसे मिल लिया जाए।तो मिलने आये थे।
मैं:ओ तो अइसे ही fantacy बस।
विणा:अरे डरो मत।अच्छा कोशिश है।पर सिर्फ काल्पनिक या असली में भी करनी है चुदाई
मैं चुदाई शब्द पढ़ के शॉक हो गया।
तभी आगे से दूसरा मेसेज
“कितने साइज का है वैसे”
मैं:आंटी ये गलत है,अंकल को पता चलेगा तो वो बुरा मानेगे।मेरी नोकरी खतरे में पड़ जाएगी।
विणा:तू क्यों टेंशन ले रहा है।उनको सब पता है।नंबर उन्होंने तो दिया न।
मैं सोच के।
मैं:करीब 4 का होगा कभी गिना नही।
विणा:अच्छा तो फ़ोटो भेज मैं गिनती हु।
मैं:क्या??
विणा:तू फ़ोटो भेज।
मैने थोड़ी देर पोर्न देख लण्ड हिलाया और फ़ोटो डाल दिया।
आगे जो हुआ ओ मेरे सोच समझ के बाहर था।
आंटी ने सामने से किसिंग इमोजी भेजा।मैं तो दंग ही राह गया।
आंटी:क्या मस्त लण्ड है रे तेरा।बेचारा अभी भी वरजिन है।
मैं थोड़ा नर्वस हो गया।वो सिचुएशन मुझसे संभाली नही जा रही थी।
मै:गुड नाईट आंटी कल बात करते है।ऑफिस भी जाना है।
आंटी :ओके गुड नाईट
मैं सो गया ।ओ चैटिंग मेरे दिमाग मे रातभर घूम रही थी।

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कहानी जारी रहेगी………..……

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